ये स्रोत भारत की अर्थव्यवस्था, समाज और विदेश नीति से संबंधित समकालीन घटनाओं का अवलोकन प्रस्तुत करते हैं। इसमें भारत और EFTA के बीच एक प्रमुख व्यापार समझौते (TEPA) के लागू होने पर प्रकाश डाला गया है, जिसका लक्ष्य 15 वर्षों में $100 बिलियन का निवेश लाना है। सामाजिक मोर्चे पर, यह किसानों और खेतिहर मजदूरों की आत्महत्या के alarming आंकड़ों को दर्शाता है, जिसमें महाराष्ट्र और कर्नाटक सबसे अधिक प्रभावित हैं। इसके अतिरिक्त, स्रोत भारत के तकनीकी क्षेत्र में अरबपतियों के उदय को कवर करते हैं और स्वदेशी ऐप अरट्टई की लोकप्रियता में अचानक वृद्धि पर चर्चा करते हैं। भू-राजनीतिक रूप से, रूसी राष्ट्रपति पुतिन की आगामी यात्रा और क्रिकेट कूटनीति में भारत-पाकिस्तान के बीच चल रहे तनाव पर जोर दिया गया है, क्योंकि एशिया कप की ट्रॉफी अभी तक नहीं दी गई है। अंत में, यह स्वच्छ भारत मिशन में सत्यापन की कमी और चिकुनगुनिया के जोखिम मानचित्रण के माध्यम से भारत के लिए सार्वजनिक स्वास्थ्य चुनौतियों को उजागर करता है।