अक्सर लोगों को प्यार में मजहब ढूढना होता है, यह कविता उस रेखा को लांघकर लिखी गई है। इस कविता की खास बात यह है कि इसे एक लड़की ने एक लड़के के नज़रिए से लिखी है। उम्मीद है आप सबको यह कविता पंसद आएगी। ये कविता प्रियंका जी ने लिखी है और इसे आवाज़ मैंने दी है