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Description

विश्वामित्र के आश्रम में राक्षसो का आतंक फैल चुका था।विश्वमित्र के प्रिय शिष्य नक्षत्र और सुकंठ इन राक्षसो का ग्रास बन चुके थे।कुलपति अब आश्रम वासियों की सुरक्षा को लेकर चिंतित हो उठे थे।