राम आश्रमवासियों और ग्रामवासियों के साथ राक्षसों के शिविर की तरफ चल दिए। राक्षसों का कहीं कोई चिन्ह नही दिखा।पूरा शिविर खाली था। गगन को शिविर से चार बंधक स्त्रियाँ मिली जो राक्षसों द्ववारा बन्दी बना ली गई थी।राम के मन क्षोभ से भर गया। उन्होंने उन युवतियों को लक्ष्मण के साथ सिद्धाश्रम भेज दिया।