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Description

वनजा और बाकी अपह्रत स्त्रियों को गगन को सौंप कर विश्वामित्र ने राम और लक्ष्मण के साथ आगे की यात्रा शुरु की। सभी आश्रम वासियों ने भारी मन से उन्हें विदा किया।