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Description

आजानुबाहु आसपास के गाँवो के मुखियों से मिले पर कोई फायदा नही हुआ।सभी राक्षसों से डरते थे। सेनानायक बहुलाश्व भी राक्षसों से ढेर सारे उपहार लेकर शांत बैठा था।ऐसी व्यवस्था देखकर विश्वामित्र का गुस्सा और असहायता और बढ़ गई।