राम के अहिल्या की कुटिया में आने भर का मतलब था कि राम ने पूरे आर्यवर्त के बंधनों को तोड़ कर अहिल्या को सामाजिक मान्यता एवं सम्मान दिला दिया था। अहिल्या राम के आगमन से खुशी से फूली नही समा रही थी। उसका आत्मविश्वास और सम्मान अब उसे वापस मिल गया था।वो अपने पुत्र और पति से मिलने के लिए अब स्वतंत्र थी।