Listen

Description

राजा सीरध्वज और शतानंद राम से मिलने वाटिका पहुँचे।राम को देखकर सीरध्वज के मन में लालसा उपजी कि ऐसा ही वर तो वो अपनी पुत्री के लिए खोज रहे थे। शतानंद राम के प्रति कृतज्ञ थे कि उन्होंने उनकी माँ अहिल्या को सामाजिक मान्यता और सम्मान दिलाया था।