राजा सीरध्वज जनक ने सीता की इच्छा जानने की कोशिश की। राम के विषय में सीता ने काफी कुछ सुन रखा था।राम एक आदर्श पुरुष थे।परंतु सीता राम को साक्षात देखे बिना कोई भी फैसला नही करना चाहती थी।विश्वामित्र के साथ राम और लक्ष्मण राजमहल में आये। सीता ने राम को देखा और जनक को अपनी मौन स्वीकृति दे दी।