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Description

विश्वामित्र की आज्ञा से राम ने शिव धनुष परिचालन आरम्भ किया।बल और कौशल के सही संतुलन का प्रयोग करके राम ने शिव धनुष को दो खंडो में बांट दिया। जनकपुर के राजप्रासाद में बैठे सभी लोग इस अभूतपूर्व प्रदर्शन के साक्षी थे।