लक्ष्मण को जब कैकयी के वचनों का पता चला तो वे गुस्से से आग बबूला हो गए।राम ने उन्हें समझाया कि उनका वन जाना कितना आवश्यक है, वे ऐसा करके असल में विश्वामित्र को दिए हुए वचन को पूरा करेंगे। ये सुनकर लक्ष्मण कुछ हद्द तक संतुष्ट हुए और भईया राम के साथ वन जाने को तैयार हो गए।