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Description

राम ने चित्रकूट में मंदाकिनी नदी के किनारे अपना आश्रम बनाने का निश्चय किया। लक्ष्मण को कुटिया तैयार करने का दायित्व सौंपा गया था।सब मिलकर जंगल से लकड़ी काटने में लग गए।