मुखर ने बताया कि किस प्रकार राक्षसों ने उसके पूरे परिवार का अंत कर दिया। उसने राम से शस्त्राभ्यास सीखने की प्रार्थना की। जिसे राम ने सहर्ष स्वीकार कर लिया। इसी बीच सुमेधा द्वारा भेजा गया कुंभकार भी राम से मिला और अपने ऊपर हो रहे अत्याचारों के विषय में बताया।