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Description

कुंभकार राम का शस्त्रागार देखकर चकित रह गया। राम ने उसे हिम्मत बंधाई। वो वापस लौटकर सुमेधा और उसके पिता झींगुर को साथ ले आया। और इस तरह कुंभकार अपने प्रति हो रहे अत्याचार के ख़िलाफ़ खड़ा हो गया और शास्त्र शिक्षा सीखने का निश्चय कर लिया।