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Description

उस रात भोजन के पश्चात उदघोष, सुमेधा और झींगुर आश्रम में ही रुके। पर दूसरे दिन सुबह झींगुर और सुमेधा आश्रम से गायब थे। पहले तो उदघोष को लगा कि राक्षस उन दोनों को बलात उठा कर ले गए पर अतिथिशाला में किसी भी तरह के विरोध के चिन्ह न दिखने के कारण उदघोष ने ये अनुमान लगाया कि दोनों अपनी इच्छा से आश्रम छोड़ कर गांव वापस भाग गए हैं। उदघोष बहुत दुखी और हताश था।