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Description

सुमेधा के चले जाने से उदघोष बहुत विचलित था, पर राम ने उदघोष को ढांढस बंधाया और उसमे उत्साह का संचार किया। और उसकी शास्त्र शिक्षा शुरू कर दी।उसी शाम वाल्मीकि आश्रम से चेतन आया जो ऋषि भारद्वाज का संदेश लाया था। और इस तरह उसने राम को पिता दशरथ की मृत्यु का दुखद समाचार सुनाया।