जितना दिखाता नहीं उसे ज्यादा फिक्र करता हूं तेरी।
जितना बतलाता नहीं उसे ज्यादा बातों में जिक्र करता हूं तेरी।
कैसे दिख लाओ "हाल ए दिल",किस हद तक चाहता हूं पाकर तुम्हे...
बस यूं ही नहीं थोड़ा थोड़ा रोज़ मर जाता हूं देखकर तुम्हे....
Want to check another podcast?
Enter the RSS feed of a podcast, and see all of their public statistics.