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Description

माना कि यह कहानी है पर क्या आपने अनुभव नहीं किया कि बच्चे शादी से कतराने लगे हैं? यदि आपने अनुभव नहीं किया तो आप भाग्यशाली हैं । माता पिता क्या चाहते हैं? बस अपने बच्चों का भर पूरा परिवार! महानगरीय जीवन की आज यही विडंबना है कि बूढ़ी आँखे राह तक रही हैं। मेरी यह कहानी यदि कुछ लोगों के मन को झकझोर दे, कुछ सोचने पर मजबूर कर दे तो मैं समझूँगी कि समाज के बदलाव में अपना कुछ योगदान दे सकी ।
अगर आपको मेरी कहानी पसंद आई तो  अनुरोध है तो अपने विचार Shradha.pdy@Gmail.com पर भेजने की कृपा कीजिए।