रानी बिना खाए सो गई। उसके खाने या न खाने की चिंता करने वाला कोई नहीं था। रात के गहरे सन्नाटे में वह सोच रही थी-क्यों लोग बच्चों के बड़े होने का आशीर्वाद देते हैं? छोटे रहते हैं तो कहना मानते हैं, हम जैसों के लिए तो बड़े काम के साबित होते है। दुनिया तभी तक दया दिखाती है जब तक छोटे बच्चे गोद में हों वरना ----