इसका अर्थ यह हुआ कि इस परीक्षा का सफल युवा किसी एक शाखा विशेष का ही विजयी नहीं होता है, बल्कि वह समस्त शाखाओं का विजयी होता है।
टॉपर से बॉटम तक के तथा देश भर के सभी विश्वविद्यालयों, महाविद्यालयों एवं संस्थानों के युवाओं के लिए उन्मुक्त द्वार की इस नीति ने इसे देश की अन्य सभी प्रतियोगी परीक्षाओं की तुलना में एक अलग ही चमक तथा प्रेस्टिज प्रदान कर दी है।
और यही इस परीक्षा में सफल होने के लिए सबसे बड़ी चुनौती भी है। इन दोनों महत्वपूर्ण
चुनौतियों की समझ का अभाव आपकी तैयारी की पूर्णता के रास्ते में एक बाधा सिद्ध होगी, ऐसा मेरा मानना