ये कहानी हमें भेजी है हैदराबाद के रहने वाले अय्यर यप्पा जी ने। वह हैदराबाद की एक कंपनी में क्लर्क की नौकरी करते थे। CORPORATE कंपनी में उन्हें काम करते हुए 10 साल हो चुके थे। भारी इंसेंटिव के साथ अच्छी सैलरी होने की वजह से अय्यर जी एक खुशाल ज़िंदगी बिता रहे थे। लेकिन एक दिन अय्यर जी को उनके बॉस ने बुलाया और कंपनी के ऑडिट काम के चलते उन्हें कोलकाता भेजा। अय्यर जी अपने परिवार को छोड़ कुछ महीनो के लिए कोलकाता शिफ्ट होगये। बात है सन 2015 की, जब कुछ दिन आमतौर से बिताने के बाद अचानक एक दिन वो कोलकाता में स्तिथ अपने घर की तरफ जा रहे थे, आसपास कोई टैक्सी न मिलने की वजह से उन्हें पैदल ही चलना पड़ा। और दिनों जहां रास्ते में चेहेल पहल रहती थी आज वो रास्ता सुनसान था, रास्ते में मगन होकर चलते अय्यर जी को अचानक हवा में जलती कुछ आग सी नज़र आयी, अय्यर जी रुक गए और आस्मां में देखने लगे जब उन्होंने गौर से देखा तो वो कुछ और नहीं बल्कि हवा में उड़ती जलती हुयी एक मटकी थी, अय्यर जी पूरी तरह से घबरा गए क्योकि उन्होंने सुना था की ये जलती हुयी मटकिया काले जादू की निशानी होती है और ये जिस पर भी गिरे वो मरता ज़रूर है, अय्यर जी व्ही रुक गए।