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आईपीएल में अलग—अलग देशों के खिलाड़ी अपना जलवा बिखेर चुके हैं. हालांकि पाकिस्तान के खिलाड़ी यहां फिलहाल खेलते नजर नहीं आ रहे हैं. इसके पीछे वजह यह है कि मुंबई पर हमले के बाद भारत ने पाकिस्तानी खिलाड़ियों के आईपीएल में खेलने पर बैन लगा दिया था. हालांकि आईपीएल के पहले सीजन में ग्यारह पाकिस्तानी खिलाड़ियों ने आईपीएल में अपना जलवा बिखेरा है. आज रेकॉर्ड बुक में सुनेंगे इन्हीं पाकिस्तानी खिलाड़ियों की कहानी...

पाकिस्तान के ऑलराउंडर और हरफनमौला खिलाड़ी शाहिद अफरीदी आईपीएल के पहले सीजन में डेक्कन चार्जस का हिस्सा थे. अफरीदी ने आईपीएल में बल्ले से 10 मैचों में 10.12 की खराब औसत से केवल 81 रन बनाए थे. वहीं गेंदबाजी में उन्होंने नौ विकेट चटकाए थे. वैसे इस दौरान अफरीदी टीम के कप्तान लक्ष्मण पर बयान देकर विवादों में भी घिरे थे.

पाकिस्तान के पूर्व कप्तान शोएब मलिक को दिल्ली ने अपनी टीम में शामिल किया था. दिल्ली की टीम में एबी डीविलियर्स, डेनियल विटोरी, ग्लेन मैक्ग्रा और तिलकरत्ने दिलशान जैसे खिलाड़ी मौजूद थे. इस वजह से मलिक को बहुत कम मैचों में खेलने का मौका मिला. हालांकि जितने भी मैच उन्होंने आईपीएल में खेले उसमें उनका प्रदर्शन बहुत उम्दा नहीं रहा. मलिक ने आईपीएल में सात मैच खेले हैं. इसमें उन्होंने सिर्फ 52 रन बनाए और गेंदबाजी में केवल 2 विकेट लिए थे.

पाकिस्तान के तेज़ गेंदबाज़ और रावलपिंडी एक्सप्रेस शोएब अख्तर सौरव गांगुली की टीम कोलकाता नाइट राइडर्स का हिस्सा बने. शोएब अख्तर ने अपने आईपीएल के पहले मैच में शानदार प्रर्दशन किया था. उन्होंने दिल्ली के खिलाफ चार विकेट चटकाए. इसमें दिल्ली के कप्तान वीरेंदर सहवाग, गौतम गंभीर ,एबी डीविलियर्स और मनोज तिवारी का विकेट शामिल था. हालांकि शोएब अख्तर ने आईपीएल में सिर्फ तीन मैच खेले जिसमे उन्होंने पांच विकेट लिए थे. आईपीएल डेब्यू के दौरान पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने उनपर एक विवाद के चलते पांच साल का बैन भी लगा दिया था.

पाकिस्तान के सलामी बल्लेबाज़ सलमान बट कोलकाता नाइट राइडर्स की ही टीम का हिस्सा थे. टीम में ब्रैंडन मैकुलम और रिकी पोटिंग की मौजूदगी में सलमान बट को कम ही मैच खेलने का मौका मिला. सलमान ने कोलकाता के लिए सात मैच खेले जिसमें उन्होंने 27.57 की औसत से 193 रन बनाए थे. सलमान बट ने कुछ मैच मिडिल आर्डर में भी खेले.

पाकिस्तान के ऑलराउंडर मोहम्मद हफीज़ भी कोलकाता नाइट राइडर्स की टीम का हिस्सा थे. हफीज़ ने कोलकाता के लिए नंबर तीन या नंबर चार पर बल्लेबाज़ी की है. हफीज़ ने कोलकाता के लिए आठ मैच खेले. इसमें उन्होंने 64 रन बनाने के साथ 2 विकेट चटकाए थे. उन्होंने अपना पहला मैच रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर के खिलाफ चिन्नास्वामी स्टेडियम में खेला था.

कोलकाता नाइट राइडर्स ने अपनी टीम में एक ओर तेज़ गेंदबाज उमर गुल को अपनी टीम में शामिल किया था. उमर गुल उस समय दुनिया के नंबर एक टी20 गेंदबाज थे. लगातार चोटों की वजह से उमर गुल छह आईपीएल मैच ही खेल सके थे. उन्होंने 12 विकेट चटकाने के साथ-साथ 39 रन भी बनाए थे. गुल ने अपना आखिरी मैच भी किंग्स इलेवन पजांब के खिलाफ खेला था. इस लीग मैच में उन्होंने 4 विकेट लेने के साथ-साथ 24 रन बनाकर कोलकाता को जिताया था.

पाकिस्तान के तेज़ गेंदबाज मोहम्मद आसिफ एक समय पर वहां के स्टार गेंदबाज थे. उन्हें दिल्ली ने अपनी टीम में शामिल किया था. मोहम्मद आसिफ और ग्लेन मैक्ग्रा की मौजदूगी दिल्ली टीम की गेंदबाजी को मजबूत बनाती थी. आसिफ आईपीएल के दौरान डोपिंग के दोषी पाए गए थे जिसके बाद उन पर पीसीबी ने एक साल का बैन लगाया था. आसिफ ने आईपीएल में 8 मैचों में 9.25 इकॉनमी के साथ 8 विकेट लिए थे.

मिस्बाह उल हक आईपीएल में रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर के हिस्सा थे. मिस्बाह का आईपीएल का रास्ता 2007 टी20 विश्वकप के प्रर्दशन से खुला था. मिस्बाह ने आईपीएल में कुछ खास प्रदर्शन नहीं किया था. उन्होंने आईपीएल के 8 मैचों में 16.71 की औसत से 117 रन बनाए थे.

पाकिस्तान के शानदार बल्लेबाजों में से एक यूनुस खान को राजस्थान रॉयल्स ने अपनी टीम में लिया था. युनुस को आईपीएल में सिर्फ एक मैच खेलने का मौका मिला, जो राजस्थान रॉयलस का आखिरी लीग मैच था. इसमें उन्होंने मात्र दो रन बनाए थे वे पूरे आईपीएल टूर्नामेंट से बाहर बैठे थे.

पाकिस्तान के विकेटकीपर बल्लेबाज कामरान अकमल राजस्थान रॉयलस टीम का हिस्सा थे. कामरान अकमल को राजस्थान रॉयल्स ने फिलर की तरह यूज किया था. अच्छे विकेटकीपर होने के बावजूद कामरान को टीम में तब ही मौके मिले जब कोई इंटरनेशनल प्लेयर चोटिल हुआ. अकमल ने आईपीएल में छह मैच खेले हैं जिसमे उन्होंने 25.6 की औसत से 128 बनाए थे जिसमे एक अर्धशतक शमिल है. music by audionautix.com