क्या आपको कभी श्री रामलीला मंचन देखने का अवसर मिला है। क्या आप कभी ऐसे व्यक्ति से मिले हैं, जिनके हर डायलॉग का स्वागत तालियों की गूंज से होता हो। क्या उस शख्सियत से मुलाकात की है, जिन्होंने अपना जीवन केवल इस उद्देश्य के लिए समर्पित कर दिया कि हर परिवार में भगवान श्रीराम के आदर्श पर चलने वाले लोग हों।
हमें तो उन बुजुर्ग व्यक्तित्व से बातचीत करने का अवसर मिला, जिन्होंने श्री रामलीला मंचन में स्क्रिप्ट लिखने औऱ अभिनय में महत्वपूर्ण योगदान दिया। 12 वर्ष की उम्र से लेकर शुरू हआ यह सफर आज 93 वर्ष की आयु तक पूरे उत्साह के साथ जारी है। इस वीडियो में आप ग्राम बड़ासी, देहरादून के निवासी मास्टर अमीचंद भारती जी से ही सुनिएगा उनका स्वर्णिम सफर...।