"आँखें बंद कीजिए और गहरी साँस लीजिए।
अपने चक्रों पर ध्यान ले जाइए।
सोचिए, बप्पा आपके सामने एक रोशनी की किरण बनकर खड़े हैं।
अब अपनी सारी दर्दभरी यादों और भारी बोझ को इस रोशनी में समर्पित कर दीजिए।
महसूस कीजिए… जैसे आप भीतर से हल्के, शांत और मुक्त हो रहे हैं।"