दोस्तों ! इस कहानी से हमें बहुत कुछ सीखने को मिलता है। कहानी में लम्बा व्यापारी Give and Take के Rule को बहुत अच्छी तरह जानता था, दुनिया के सभी बड़े व्यापारी इसी Life rule का use करके बड़े व्यापारी बन पाए हैं।
इस फॉर्मूले को उसने भिखारी को भी बताया। भिखारी ने इस Natural rule को अपना लिया और इसका असर उसके जीवन में साफ़ दिखाई भी देने लगा। वह जान चुका था कि उसे क्या करना चाहिए।
लेकिन अपनी छोटी सोच (narrow thinking) के कारण वह खुद को भिखारी मानता रहा, वह स्वयं को ही नहीं पहचान पाया, वह आपने आत्मसम्मान (self respect) को नहीं जगा पाया जिसकी वजह से वह अपनी thinking भी नहीं बदल पाया।
यह कहानी हमें बताती है कि हम यदि अपनी सोच बदल लें तो उससे कुछ भी हासिल किया जा सकता है। यदि हम खुद को छोटा समझते रहेंगे तो हम हमेशा छोटे ही बने रहेंगे।
बड़ा बनने से लिए हमें अपने विचारों को बदलना (change your thinking) होगा। हमें खुद के बारे में बड़ा सोचना होगा (think big about yourself) तभी हम बड़े बन पाएंगे।
कहानी में भी भिखारी खुद को भिखारी ही समझता रहा और भिखारी ही बना रहा लेकिन जब उसे पता चला कि वह तो एक व्यापारी है तो उसने अपना विचार बदला। अपने बारे में विचार बदलने से उसका जीवन भी बदल गया।
उस लम्बे व्यक्ति ने तो केवल उसका आत्मसम्मान जगा दिया था और वह इसी कारण आज भिखारी से एक बहुत बड़ा व्यापारी बन पाया था। उस लम्बे व्यक्ति की बातों से उस भिखारी के जीवन में बहुत बड़ा बदलाव (Big change in life) आया। वास्तव में उस भिखारी का self respect जाग गया था और self respect और कुछ नहीं बल्कि हमारी खुद के बारे में सोच (thinking about yourself) होती है।
आप भी प्रकृति के इस नियम (Rule of life) को सीखिए। अपना आत्मसम्मान को जाग्रत कीजिये। अपनी सोच को बदलिए और उसे बहुत बड़ा बनाइये। ऐसा करके तो देखिये! आप पाएंगे कि आपका जीवन बदल चुका है तथा आप एक पहाड़ पर सबसे ऊपर खड़े हैं और पहाड़ का नाम है– सफलता (Success)