मन हवा सा तेज है, मन सपनों सा सुंदर,
मन को जानो मन से , क्या बाहर क्या अंदर
मुंबई की शोभा पाठक जी द्वारा लिखित इस कविता को आपके सामने रख रहा हूँ अपनी आवाज़ में, आशा है आपको पसंद आएगी.