41. श्रीमद्भागवत महापुराण पारायण ,सप्ताथ श्रवणसे धुंधुकारीकोऔर श्रावयतां दूसरे कथासर्वस्वमद्य पूरे श्रोताओंको भगवानका योगिदुर्लभ धाम मिला। येही सप्ताहश्रवणकी महिमा।