पंजाब यूनिवर्सिटी ने उनको वर्ष 1995 में डॉ हजारी प्रसाद द्विवेदी गोल्ड प्रदान किया.. वर्ष 1998 में प्रेमचंद कहानी पुरुस्कार से भी सम्मानित किया गया.. सन २००२ में उन्होंने आकाशवाणी लखनऊ में बतौर समाचार वाचक सह अनुवादक पद पर काम करना शुरू किया.. साथ ही , भारतीय विद्या भवन से पत्रकरिता में डिप्लोमा भी किया ...वे कई रिसर्च रिपोर्टों की सह लेखक भी रहीं हैं , जो भारत सरकार को भेजे गए... उन्होंने बहुत से अंतर्राष्ट्रीय रेडियो टॉक शो में भी भाग लिया...सिटिज़न जर्नलिस्ट और ब्लॉगर होने के साथ साथ सेक्शुअल हरासमेंट ऐट वर्क्प्लैस कानून की कॉर्पोरेट ट्रैनर और चाइल्ड अब्यूज़ ला की ध्वजवाहक भी हैं। उनकी दो पुस्तकें "अनुराग" और "लड़का हुआ है" प्रकाशित हो चुकी हैं।