अलीबख्श रेवाड़ी-नारनौल क्षेत्र में सक्रिय थे। इनके कुल 9 ख्याल अथवा स्वांग कहे जाते हैं। इनके स्वागों में लोक जीवन का सत्य व साझी संस्कृति के दर्शन होते हैं। अलीबख्श के जीवन और ख्यालों पर आलोचक जीवन सिंह से कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय, कुरुक्षेत्र में हिंदी विभाग में प्रोफेसर व देसहरियाणा पत्रिका के संपादक सुभाष चंद्र का साक्षात्कार। इस साक्षात्कार में अलीबख्श के संबंध में कई महत्वपूर्ण जानकारियां शामिल हैं।