लोक साहित्य के अध्ययन व मूल्यांकन पर विचारोत्तेजक परिचर्चा। प्रख्यात आलोचक जीवन सिंह से देस हरियाणा पत्रिका के संपादक प्रोफेसर सुभाष चंद्र के सवाल।