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Description

स्नेहा पेशे से एक खिलाड़ी हैं मगर दिल से उन्हें शब्दों से खेलना ज्यादा पसंद आता हैं. स्नेहा पिछले पंद्रह वर्षो से भारतीय रेलवे मेँ सेवारत हैं.

एक राष्ट्रीय स्तर की खिलाड़ी और अंतराष्ट्रीय स्तर की अंपायर होने के साथ साथ स्नेहा की लेखन मेँ विशेष रूचि हैं. वो एक नियमित ब्लॉगर हैं. उनकी पहली किताब "कल्पना मेरे शब्दों की " योर कोट पर उपलब्ध हैं. साथ ही चार अन्य साझा संग्रह का वे हिस्सा बन चुकी हैं. स्नेहा विशेष रूप से दिल की बातो को लिखना पसंद करती हैं.

लेखन के साथ उन्हें नृत्य, चित्रकारी और घूमने मेँ बहुत आनंद आता हैं.

Insta id @snehadhanodkar