भगवती चरण वर्मा की कहानी 'वसीयत' (Vasiyat) पंडित चूड़ामणि मिश्र नामक एक व्यक्ति और उनकी संपत्ति के इर्द-गिर्द घूमती है, जो यह दर्शाती है कि कैसे स्वार्थ और धन के कारण रिश्ते खोखले हो जाते हैं; कहानी दिखाती है कि मरने के बाद, जिनके लिए चूड़ामणि ने कभी कुछ नहीं किया या जिन्होंने उनका तिरस्कार किया, वे उनकी संपत्ति का हिस्सा मिलने पर अचानक उनके गुणगान करने लगते हैं, जिससे यह पता चलता है कि समाज में रिश्ते सिर्फ धन और स्वार्थ से बंधे हैं, जहाँ आत्मीयता की कमी है।