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Description

00:00 - पंचगव्य का सच: क्या यह वैज्ञानिक है? (Truth of Panchagavya: Is it Scientific?)

03:00 - चेतावनी: गोमूत्र और गोबर का सेवन हानिकारक है (Warning: Consuming Cow Urine & Dung is Harmful)

08:33 - गोबर खाने से हार्ट अटैक? 'इरा' तत्व का खतरा (Heart Attack from Cow Dung? Danger of 'Ira' element)

13:00 - गोमूत्र में विषैले तत्व होते हैं (Toxic Elements in Cow Urine)

17:42 - असली पंचगव्य क्या था? दूध, दही, घी, शहद, गुड़ (What was Original Panchagavya? Milk, Curd, Ghee, Honey, Jaggery)

21:29 - प्रसाद के लिए सबसे शुद्ध फल: केला (Banana: The Purest Fruit for Prasad)

24:00 - असली धन (राम धन) बनाम कागजी नोट (Real Wealth vs Paper Money)

29:13 - मलूक दास: 'छोड़ दे पराई आस' (Malook Das: 'Give up expectations from others')

34:27 - आत्मज्ञान का सूत्र: जो दिखता है, वह तुम नहीं हो (Formula for Self-Realization: What you see is not you)

46:00 - धन इकट्ठा करना और पापियों में श्रेष्ठ होना (Hoarding Wealth & Being the 'Best' Sinner)

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सारांश (Summary)

इस वीडियो में बाबाजी (विजय वत्स) पंचगव्य के प्रचलित रूप (दूध, दही, घी, गोमूत्र, गोबर) का खंडन करते हैं। वे दूध, दही और घी को स्वास्थ्यवर्धक मानते हैं, लेकिन **गोबर और गोमूत्र** के सेवन को वैज्ञानिक रूप से हानिकारक और जहरीला बताते हैं। उनका दावा है कि गोबर में 'इरा' नामक तत्व होता है जो हार्ट अटैक का कारण बन सकता है। बाबाजी के अनुसार, असली पंचगव्य में गोबर-गोमूत्र नहीं, बल्कि **शहद और गुड़** शामिल थे। आध्यात्मिक स्तर पर, वे मलूक दास की वाणी के माध्यम से समझाते हैं कि जो भी दृश्य (शरीर, विचार) हम देख सकते हैं, वह 'हम' नहीं हैं; हम केवल दृष्टा (Witness) हैं।