अगर शिवसेना अकेले चुनाव लड़ती है, तो इससे बीजेपी को तो नुकसान होगा ही, लेकिन शिवसेना को भी फायदा नहीं होगा। शिवसेना के वर्तमान में 18 सांसद हैं। हो सकता है, अलग चुनाव लड़ने से यह संख्या घटकर आधी या उससे भी कम रह जाए। हालांकि शिवसेना के नेताओं का यह अंदाजा है कि सर्वेक्षण बीजेपी जानबूझकर करवा रही है, ताकि वह शिवसेना पर गठबंधन के लिए दबाव बना सके।