कई चीजें आंखों के सामने से गुजर जाती हैं लेकिन हम उसका मर्म पकड़ नहीं पाते. शुक्र है कि इस वक्त में भी हमारे पास हमारे अपने संजय हैं. संजय, जो हमें ऐसे मर्म खोज-खोजकर दिखलाते चलते हैं. यह संजय, खरा सोना हैं. नाम भी है संजय कुंदन. न्यूज18 के स्पेशल पॉडकास्ट में आज पेश हैं संजय कुंदन की 3 कविताएं.