यह कहानी श्री मनीषा दुबे जी के द्वारा लिखी है जिसका नाम है हार के बाद ही जीत है, जिसमें बहुत सुंदर सीख है की हौसला रखना चाहिए हिम्मत नहीं हारना चाहिए