दफ़्तर के एक मितव्ययी और सभ्य चपरासी की पहली पत्नी की मृत्यु पर दूसरे विवाह के बाद हुए आमूलचूल परिवर्तन की कहानी
The story of a radical change after the second marriage on the death of the first wife of a frugal and civilized peon of the office.