एक गरीब वृद्धा द्वारा सत्याग्रहियों के स्वागत में अपने को अर्पण कर देने और ग्रामीणों के हृदय में जोश भरने की कहानी
The story of a poor old woman surrendering herself to welcome Satyagrahis and filled zeal in the hearts of villagers.