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Description

लेखन

गौरव शुक्ल "अतुल "

आवाज और प्रस्तुति

सुधांशु शर्मा

एक नारी के अस्तित्व की कहानी

नारी की सहनशक्ति उसकी कमजोरी नहीं है। क्योंकि जिस दिन उसकी सहनशक्ति खत्म होती है उस दिन खत्म होती है कई दुनिया कई रिश्ते कई नाते कई अपने। नारी के आत्मसम्मान की यह कहानी गौरव जी की कलम से निकलकर और भी खूबसूरत हो गई है।