युधिष्ठिर नामक एक ग़रीब कुम्हार एक गाँव में रहता था। एक रात उसके माथे पर एक गहरी चोट आ गयी। काफ़ी समय के बाद वह घाव भर गया लेकिन उसके माथे पर निशान रह गया। गाँव में अकाल पड़ने के कारण युधिष्ठिर नए शहर में जाने के लिए मजबूर हो जाता है। आगे क्या होता है? जांने यह कहानी सुन कर।
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