मेहरबां हुआ वक़्त और हसरतें भी लम्हा लम्हा चाहतों में टूटी सरहदें भी रतजगों में बीती ना जाने कितनी रातें दिन के उजालों में बेहिसाब बातेँ बातेँ करार की और इक़रार की पहली नजर के पहले प्यार की....
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