राहों में ही बिखर गयीं , खुशियाँ हमारे प्यार की
छूकर ही ठहर गई , जिंदगी हमारे प्यार की
हंसते हंसते रो पड़ी , दिलकशी मेरे प्यार की
तन्हाइयों में खो गई , तिश्नगी मेरे प्यार की
जीत कर भी जो हार जाये ,
ऐसी रंजिशें हैं मुझसे मेरे यार की
मंजिलों पे ही आके लुटते हैं कारवाँ दिलों के
कश्तियाँ साहिल पे अक्सर डूबती हैं प्यार की