हम सभी के सिर पर बाल हैं, कभी-कभी नहीं भी हो सकते हैं। और इसे बिल्कुल सामान्य तरीके से लिया जाना चाहिए। हमारी उम्र, मानसिक स्थिति, कल्चर, लाइफस्टाइल सभी का असर हमारे बालों पर पड़ता है। मगर इसके लिए बहुत ज्यादा फिक्रमंद होने या एक ही तरह से टाइप होने की जरूरत नहीं है। बालों को ब्यूटी स्टैंडर्ड या टेंशन का कारण बना लेना बिल्कुल फिजूल हैं। हेल्थशॉट्स पॉडकास्ट ब्रेकिंग ब्यूटी स्टीरियोटाइप के इस एपिसोड में बालों के अलग-अलग शेड्स पर बात कर रहीं हैं आरजे सोना।
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