हम जिस आजाद देश में सांस ले रहे हैं, उस देश को बनते हुए हमारे पूर्वजों ने देखा है और उसकी नींव में कितना दर्द और संघर्ष है, ये वही जानते थे। आज वह पीढ़ी लगभग खत्म होने लगी है, पर बंटवारे की मानसिकता अब भी हमारे समाज में मौजूद है। पर क्या आदर्श राज्य अपनी मानसिकता में बंटवारे के बीज ले सकता है? भारतीय स्वतंत्रता दिवस की 75वीं वर्षगांठ के अवसर पर लाइफ कोच डॉ. मेधावी जैन पूछ रहीं हैं ऐसे ही कुछ सवाल। तो सुनते रहिए हेल्थ शॉट्स हिंदी पॉडकास्ट, मन की मेधा।
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