भारत का पहला 'मून लैंडर, विक्रम, सोमवार 2 सितम्बर रात 1:15 को सफलतापूर्वक अपने मदर-स्पेसक्राफ्ट, चंद्रयान-2 से अलग हो गया है. लैंडिंग चांद के साउथ पोलर रीजन पर 7 सितम्बर को रात 1:30 से 2:30 बजे के बीच होगी.
अब से करीब 80 घंटे में, भारत, चांद की 'डार्क साइड' पर उतरने वाला पहला देश बन सकता है. चंद्रयान-2 की कामयाबी के पीछे ऐसा क्या है जो उसे न सिर्फ भारत में बल्कि पूरे विश्व के लिए खास बनाता है?
इस पॉडकास्ट में सुनिए द क्विंट के टेक और ऑटो एडिटर रोशन पोवैया से, जो बताएंगे सॉफ्ट लैंडिंग का मतलब, और ऐसा क्या है जो इस प्रोजेक्ट को ‘पैसा वसूल’ मिशन बनाता है.
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