यह एक मनोवैज्ञानिक हॉरर कथा है जहाँ एक साधारण रात डरावने रहस्य में बदल जाती है। कहानी एक बेटे की नज़र से सुनाई जाती है, जिसे एहसास होता है कि उसके सामने खड़ी उसकी माँ… उसकी माँ नहीं है। उसके हावभाव, आवाज़, और आँखों में कुछ अनजाना और खतरनाक छिपा है।
जैसे-जैसे रात गहराती है, सच सामने आता है — एक शैतानी आत्मा ने उसकी माँ का रूप ले लिया है। कहानी डर, भावनाओं और अलौकिक रहस्य का मिश्रण है, जो श्रोता को अंत तक बेचैन रखती है।
यह पॉडकास्ट immersive ध्वनि, धीमे तनाव निर्माण, और रहस्यमय खुलासों के माध्यम से एक सिनेमाई हॉरर अनुभव देता है।