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Description

हममें से बहुत से लोग ऐसे ही हैं. हममें उड़ने की क्षमता है, हमें मालूम है कि हमें कैसे और कहाँ उड़ना है परन्तु फिर भी हम निष्क्रिय रहते हैं. हम अपने हालात में इतने संतुष्ट व खुश रहते हैं कि हम कोई भी अतिरिक्त प्रयत्न करना नहीं चाहते. हम कार्य तभी करते हैं जब हमें किसी परिस्थिति में ज़बरदस्ती धकेला जाता है. अगर हम परिवर्त्तन के अनुसार स्वयं में बदलाव लायेंगें, अवसरों का प्रयोग करेंगें और पर्याप्त चेष्टा करेंगें तो हम अवश्य सफल होंगें. यदि हम ऐसा नहीं करेंगें तो बिना कुछ सार्थक किए और अपने स्वाभाविक सामर्थ्य का अहसास किए बिना ही हमारी ज़िन्दगी बीत जाएगी.

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