भारत में दुनियाभर की मात्र तीन प्रतिशत कारें चलती हैं. साल 2018 में अमेरिका में लगभग 22 लाख रोड एक्सिडेंट के मामले दर्ज हुए थे और इनमें मरने वालों की संख्या लगभग 37 हज़ार. ऐसे में कार के सेफ़्टी स्टैंडर्ड की बात उठती है. देश की सड़कों और इंफ्रास्ट्रक्चर को ध्यान में रख कर Bharat NCAP को तैयार किया है, हमारा अपना स्टैंडर्ड भी अंतरराष्ट्रीय स्टैंडर्ड के के समीप है. इसके तहत गाड़ियों को सुरक्षा के नज़रिए से रेटिंग दी जाती है. किन पैरामीटर्स पर गाड़ियों को रेटिंग दी जाती है और ये कितने ज़रूरी हैं, सुनिए आज के ज्ञान-ध्यान में.
प्रड्यूस- कुंदन
साउंड मिक्सिंग- सौरभ कुकरेती