कहते हैं कि जो बात दिल से निकलती है वो दिल तक असर करती है। लेकिन दिल का तो ठीक है पर दिमाग़ का क्या? क्या अच्छी शायरी या किसी भी भाषा का साहित्य आपके दिमाग़ की सेहत पर भी असर करता है? आज के 'ज्ञान ध्यान' में बात इसी की
स्क्रिप्ट - जमशेद क़मर सिद्दीक़ी
साउंड डिज़ाइन - नितिन रावत