एक ओर जहां भारत के प्रधानमंत्री ने भरोसा जताया कि दोनों देश अपने रिश्तों को हिमालय जितनी ऊंचाई देने के लिए काम करते रहेंगे, वहीं नेपाल के प्रधानमंत्री ने भी सदियों पुराने और बहुआयामी संबंधों को संप्रभु समानता, आपसी सम्मान, समझ और सहयोग के समय की कसौटी पर खरे उतरे सिद्धांतों के प्रति दृढ़ प्रतिबद्धता पर आधारित बताया।